गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

shaded pole motor in hindi

SHADED POLE MOTOR

    Shaded Pole Motor :-यह मोटर single phase induction मोटर का ही एक अन्य रूप है। बिना shaded pole व्यवस्था के यह मोटर भी स्वत: प्रारम्भ नहीं हो सकता क्योकि तब यह भी एक सामान्य single phase induction motor ही होता है। shaded pole व्यवस्था कर दिए जाने पर इस मोटर में भी सूक्ष्म परिमाण का घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है जो, शून्य भार (बिना लोड के)पर मोटर को स्वत: प्रारम्भ करने के लिए पर्याप्त होता है।

shaded pole motor in hindi

 इस प्रकार की मोटर की संरचना, कार्यविधि, तथा उपयोग का विवरण निम्न प्रकार है 

संरचना Construction of shaded pole motor  :-

  यह मोटर shaded pole युक्त स्टेटर तथा पिंजर प्रारूपी रोटर से निर्मित होती है। इसके प्रत्येक पटलित ध्रुव core पर एक किनारे से लगभग 1/3 भाग पर एक खाँचा कटा होता है जो ध्रुव नाल या ध्रुव क्रोड के ऊपरी भाग को दो भागों में विभक्त करता है।

shaded pole motor की संरचना

 pole core के छोटे वाले हिस्से में ताँबे की एक मोटी पट्टी स्थित होती है, जो ताम्र छादन वलय (shading coil)  कहलाती है जैसा चित्र में प्रदर्शित है। ध्रुव पर स्थित इस खाँचे के उस ओर का भाग, जिस पर ताम्र shading coil स्थित होती है, ध्रुव का shaded part तथा शेष दूसरा भाग unshaded part कहलाता है।

 मोटर का मुख्य स्टेटर winding जो exciting winding कहलाता है, पूरे pole core पर होता है और इसका संयोजन ठीक वैसा ही होता है, जैसा अन्य single phase मोटरों के स्टेटर winding में होता है।

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कार्यविधि (Working Method of shaded pole motor):-

   जब मोटर की उत्तेजन कुण्डली(exciting winding) को single फेज ac स्रोत में जोड़ा जाता है तो मोटर के pole के दोनों ही भाग फ्लक्स उत्पन्न करते हैं चूकि shaded भाग में स्थित shaded coil पर विधुत वाहक बल प्रेरित होने के कारण उत्पन्न प्रेरण धारा से प्राप्त होने वाला फ्लक्स, लेंज के नियमानुसार मुख्य फलस्स को प्रभावित करता है और परिणामी फ्लक्स की स्थिति उसी के अनुसार बदलती है, जैसा चित्र में प्रदर्शित है।

shaded pole motor working

main field winding से प्रवाहित विद्युत धारा के क्षण A (SIN WAVE में) में बढ़ती विद्यत धारा के कारण shaded coil पर प्रेरित धारा विपरित फ्लक्स उत्पन्न करती है, जिससे परिणामी फ्लक्स की स्थिति चित्र (a) की भाँति ध्रुव के दाहिनी ओर होती हैं,

 क्षण B में विद्युत धारा परिवर्तन नगण्य होने के कारण shaded coil  का फ्लक्स नगण्य होता है तथा परिणामी क्षेत्र चित्र (b) की भाति pole के केन्द्र पर तथा क्षण C में घटती विद्युत धारा के कारण shaded coil द्वारा उत्पन्न फ्लक्स  main winding द्वारा उत्पन्न फ्लक्स की दिशा में होने के कारण परिणामी फ्लक्स को चित्र (c) की भाँति स्थिति प्रदान करता है।

इस प्रकार shaded pole व्यवस्था में परिणामी फ्लक्स, unshaded भाग से shaded भाग की ओर घूमने लगता है; अर्थात् यहाँ घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र की उत्पत्ति हो जाती है। इस घूर्णी फ्लक्स (rotating flux) से प्रभावित होकर मोटर को प्रारम्भन बलाघर्ण प्राप्त होता है।

उपयोग :-  shaded pole motor का प्रयोग छोटे पंखो ,विधुत घड़ियों,मापन यंत्रो में विशेष रूप से किया जाता है |

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